बुधवार, 20 जून 2018

UGCNET/JRF में आचार्य रामचन्द्र शुक्ल पर पूछे गए प्रश्न-2


UGCNET/JRF में आचार्य रामचन्द्र शुक्ल पर पूछे गए प्रश्न-2


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सम्पादक : मुहम्मद इलियास हुसैन

32. देखिए मार्क्सवाद सिखाता है कि हर चीज़ पर डाउट करो। यह कथन किस आलोचक का है ?
(A) रामविलास शर्मा  (B) हज़ारी प्रसाद द्विवेदी
(C) रामचन्द्र शुक्ल   (D) शिवदान सिंह चौहान

33. आचार्य रामचन्द्र शुक्ल के अनुसार कबीर ने अपनी साखियों में सधपक्कड़ी भाषा का प्रयोग किया है। सधुक्कड़ी से उनका अभिप्राय है :
(1) ब्रजभाषा मिश्रित पूरबी बोली          (2) ब्रजभाषा मिश्रित खड़ा बोली
(3) राजस्थानी-पंजाबी मिली खड़ी बोली    (4) पोंच भाषों के मिश्रण वाली भाषा

34. साधारणीकरण और व्यक्ति वैचित्र्यवाद किसका निबन्ध है ?
(A) रामचन्द्र शुक्ल   (B) हज़ारी प्रसाद द्विवेदी
(C) रामविलास शर्मा  (D) नन्ददुलारे वाजपेयी

35. 'अपनी कहानी का आरम्भ ही उन्होंने इस ढंग से किया है, जैसे लखनऊ के भाँड़ घोड़ा कुदाते हुए महफ़िल में आते हैं।' आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने यह मत किसके सन्दर्भ में कहा ?
(A) मुंशी सदासुखलाल नियाज़      (B) सदल मिश्र
(C) इंशा अल्ला ख़ाँ                 (D) लल्लूलाल जी

36. ‘‘अष्टछाप में सूरदास के पीछे इन्हीं का नाम लेना पड़ता है। इनकी रचना भी बड़ी सरस और मधुर है। इनके सम्बन्ध में यह कहावत प्रसिद्ध है कि और कवि गढ़िया नन्ददास जड़िया।’’  यह कथन किसका है ?
(1)  रामचन्द्र शुक्ल   (2)  हज़ारी प्रसाद द्विवेदी
(3)  रामकुमार वर्मा  (4)  नन्ददुलारे वाजपेयी

37. निम्नलिखित ग्रंथों को उनके रचनाकारों के साथ सुमेलित कीजिए ?
(A) रस मीमांसा                        (i) हज़ारी प्रसाद द्विवेदी
(B) नाथ सम्प्रददाय                     (ii) नन्ददुलारे वाजपेयी
C) आस्था और सोन्दर्य                 (iii) रामचन्द्र शुक्ल
(D) हिन्दी साहित्य : बीसवीं शताब्दी      (iv) रामविलास शर्मा
(v) देवो शंकर अवस्थी
कोड :
(a)   (b)   (c)    (d)
(1)   (i)    (ii)    (iii)   (v)
(2)   (iii)   (i)    (iv)   (ii)
(3)   (ii)    (iii)   (iv)   (v)
(4)   (iii)   (v)    (i)    (ii)

38. निम्नलिखित निबन्धों को उनके निबन्धकारों के साथ सुमेलित कीजिए ?
(A) मज़दूरी और प्रेम                    (i) कुबेरनाथ राय
(B) कुटज                             (ii) अध्यापक पूर्ण सिंह
(C) मेरे राम का मुकुट भीग रहा है       (iii) विद्यानिवास मिश्र
(D) लोभ और प्रीति                    (iv) हज़ारी प्रसाद द्विवेदी
(v) रामचन्द्र शुक्ल
कोड :
(a)   (b)   (c)    (d)
(1)   (ii)    (iv)   (iii)   (v)
(2)   (iv)   (ii)    (iii)   (i)
(3)   (v)    (ii)    (iv)   (iii)
(4)   (iv)   (ii)    (iii)   (v)

39. निम्नलिखित उक्तियों को उनके लेखकों के साथ सुमेलित कीजिए :
(A) मैं उपन्यास के मानव-चरित्र का चित्र समझता हूँ।   (i)  महादेवी वर्मा
(B) अधिकार सुख कितना मादक और सारहीन है            (ii) हज़ारी प्रसाद द्विवेदी
(C) करुणा सेंत का सौदा नहीं है।               (iii) प्रेमचन्द
(D) मनुष्य ही साहित्य का लक्ष्य है।                  (iv) प्रसाद
(v) रामचन्द्र शुक्ल
कोड :
(a)   (b)   (c)    (d)
(1)   (iii)   (iv)   (v)   (ii)
(2)   (ii)    (iii)   (i)    (iv)
(3)   (v)    (iv)   (iii)   (ii)
(4)   (i)    (ii)    (iv)   (iii)

40. निम्नलिखित कहानियो को उनके लेखकों के साथ सुमेलित कीजिए ?
(A) ग्यारह वर्ष का समय      (i) माधव राव सप्रे
(B) गुलबदन               (ii) किशोरीलाल गोस्वामी
C) एक कटोरी भर मिट्टी   (iii) बंग महिला
(D) प्लेग की चुड़ैल        (iv) रामचन्द्र शुक्ल 
(v) भगवान दास
कोड :
(a)   (b)   (c)    (d)
(1)   (iv)   (ii)    (i)    (v)
(2)   (i)    (ii)    (iv)   (iii)
(3)   (iv)   (ii)    (i)    (iii)
(4)   (v)    (i)    (ii)    (iv)

41. 'आध्यात्मिक रंग के चश्मे आजकल बहुत सस्ते हो गए हैं।' आचार्य शुक्ल का यह कथन निम्नलिखित में से किस कवि के लिए है ?
(A) विहारी   (B) विद्यापति
(C) मतिराम  (D) भिखारीदास

42. 'प्रकृति के नाना रूपों के साथ केशव के हृदय का सामंजस्य कुछ भी न था।' यह कथन किसका है ?
(A) विश्वनाथ प्रसाद मिश्र  (B) लाला भगवानदीन  (C) रामचन्द्र शुक्ल  (D) महावीर प्रसाद द्विवेदी

43. जन्मकाल के अनुसार हिन्दी आलोचकों का सही अनुक्रम है :
(1) नन्ददुलारे वाजपयी, रामचन्द्र शुक्ल, नगेन्द्र, रामविलास शर्मा      
(2) रामचन्द्र शुक्ल, नन्ददुलारे वाजपयी, रामविलास शर्मा, नगेन्द्र
(3) नगेन्द्र, नन्ददुलारे वाजपयी, रामचन्द्र शुक्ल, रामविलास शर्मा      
(4) रामविलास शर्मा, नगेन्द्र, रामचन्द्र शुक्ल, नन्ददुलारे वाजपयी
(2) रामचन्द्र शुक्ल (1884 ई.), नन्ददुलारे वाजपयी (1906), रामविलास शर्मा (1912 ), नगेन्द्र (1915)

44. जीवन-काल की दृष्टि से निम्नांकित निबन्धकारों का सही अनुक्रम है :
(A) बालमुकुन्द गुप्त, महावीर प्रसाद द्विवेदी, रामचन्द्र शुक्ल, सरदार पूर्ण सिंह       
(B) रामचन्द्र शुक्ल, सरदार पूर्ण सिंह, बालमुकुन्द गुप्त, महावीर प्रसाद द्विवेदी  
(C) महावीर प्रसाद द्विवेदी, बालमुकुन्द गुप्त, रामचन्द्र शुक्ल, सरदार पूर्ण सिंह
(D) महावीर प्रसाद द्विवेदी, बालमुकुन्द गुप्त, सरदार पूर्ण सिंह, रामचन्द्र शुक्ल

(D) महावीर प्रसाद द्विवेदी (1864), बालमुकुन्द गुप्त (1865), सरदार पूर्ण सिंह (1881), रामचन्द्र शुक्ल (1884)

45. जीवन-काल की दृष्टि से निम्नांकित निबन्धकारों का सही अनुक्रम है :
(A) रामचन्द्र शुक्ल, महावीर प्रसाद द्विवेदी, विद्यानिवास मिश्र, हज़ारी प्रसाद द्विवेदी 
(B) महावीर प्रसाद द्विवेदी, रामचन्द्र शुक्ल, हज़ारी प्रसाद द्विवेदी, विद्यानिवास मिश्र
(C) हज़ारी प्रसाद द्विवेदी, महावीर प्रसाद द्विवेदी, रामचन्द्र शुक्ल, विद्यानिवास मिश्र 
(D) विद्यानिवास मिश्र, महावीर प्रसाद द्विवेदी, रामचन्द्र शुक्ल, हज़ारी प्रसाद द्विवेदी

महावीर प्रसाद द्विवेदी (1864), रामचन्द्र शुक्ल (1884), हज़ारी प्रसाद द्विवेदी (1905), विद्यानिवास मिश्र (1926)

46. रचना-काल की दृष्टि से निम्नांकित कहानियों का सही अनुक्रम है :
(A) ग्यारह वर्ष का समय, दुलाई वाली, पंच परमेश्वर, दोपहर का भोजन
(B) दुलाई वाली, ग्यारह वर्ष का समय, पंच परमेश्वर, दोपहर का भोजन
(C) दोपहर का भोजन, पंच परमेश्वर, दुलाई वाली, ग्यारह वर्ष का समय
(D) पंच परमेश्वर, लाई वाली, ग्यारह वर्ष का समय, दोपहर का भोजन

(A) ग्यारह वर्ष का समय (1903, रामचन्द्र शुक्ल), दुलाई वाली (1907, बंग महिला), पंच परमेश्वर (19, प्रेमचन्द), दोपहर का भोजन (1956, अमरकान्त)

47. 'विरुद्धों का सामंजस्य कर्मश्रेत्र का सौन्दर्य है।' किसकी धारणा है ?
(A) महावीर प्रसाद द्विवेदी  (B) रामचन्द्र शुक्ल  (C) नगेन्द्र  (D) राम विलास शर्मा

48. हिन्दी रीति-ग्रंथों की परम्परा चिन्तामणि त्रिपाठी से चली। अतः रीतिकाल का आरम्भ उन्हीं से माना चाहिए।µयह किस इतिहासकार का कथन है ?
(1) रामचन्द्र शुक्ल       (2) हज़ारी प्रसाद द्वेवेदी
(3) विश्वनाथ प्रसाद मिश्र  (4) बच्चन सिंह

49. हिन्दी साहित्य के रीतिकाल का श्रृंगार काल नाम निम्नलिखित में किस इतिहासकार ने रखा है ?
(1) रामचन्द्र शुक्ल  (2) हज़ारी प्रसाद द्विवेदी
(3) विश्वनाथ प्रसाद मिश्र (4) रामकुमार वर्मा

50. कालक्रम की दृष्टि से निम्नलिखित आलोचकों का सही अनुक्रम क्या है ?
(A) नन्द दुलारे वाजपेयी, हज़ारी प्रसाद द्विवेदी, रामचन्द्र शुक्ल, रामविलास शर्मा
(B) रामविलास शर्मा, हज़ारी प्रसाद द्विवेदी, रामचन्द्र शुक्ल, नन्द दुलारे वाजपेयी
(C) रामचन्द्र शुक्ल, नन्द दुलारे वाजपेयी, हज़ारी प्रसाद द्विवेदी, रामविलास शर्मा
(D) हज़ारी प्रसाद द्विवेदी, रामविलास शर्मा, नन्द दुलारे वाजपेयी, रामचन्द्र शुक्ल

(C) रामचन्द्र शुक्ल (1884), नन्द दुलारे वाजपेयी (1906), हज़ारी प्रसाद द्विवेदी (1906), रामविलास शर्मा (1912)

51.  इनमें से कौन नागरी प्रचारिणी सभा के संस्थापकों में नहीं है ?
(A) रामनारायण मिश्र       (B) श्यामसुन्दर दास
(C) रामचन्द्र शुक्ल        (D ठाकुर शिवकुमार सिंह

52. निम्नलिखित में से कोम-सी उक्ति निबन्धकार रामचन्द्र शुक्ल की नहीं है  ?
(A) हृदय प्रसार का स्मारक स्तम्भ काव्य है
(B) काव्य एक अखण्ड तत्त्व या शक्ति है, जिसकी गति अमर है।
(C) श्रद्धा और प्रेम के योग का भक्ति है।
(D) धर्म रसात्मक अनुभूति का नाम भक्ति है।
ये चारों वाक्य आचार्य शुक्ल के ही हैं।
53. हिंदू हृदय और मुसलमान हृदय आमने-सामने करके अजनबीपन मिटानेवालों में इन्हीं का नाम लेना पड़ेगा।µरामचन्द्र शुक्ल का उक्त कथन किस कवि के सम्बन्ध में है ?
       (1) कबीरदास      (2) जायसी
       (3) रहीम         (4) रखख़ान

54. प्रकाशन वर्ष की दृष्टि से निम्नलिखित आलोचना-गंथों का सही अनुक्रम है :
(aaA) रस मीमांसा, कालिदास की निरंकुशता, शुद्ध कविता की खोज, महावीर प्रसाद द्विवेदी और हिन्दी नवजागरण
(B) शुद्ध कविता की खोज, कालिदास की निरंकुशता, रस मीमांसा, महावीर प्रसाद द्विवेदी और हिन्दी नवजागरण
(C)  कालिदास की निरंकुशता, रस मीमांसा, शुद्ध कविता की खोज, महावीर प्रसाद द्विवेदी और हिन्दी नवजागरण
(D) कालिदास की निरंकुशता, रस मीमांसा, महावीर प्रसाद द्विवेदी और हिन्दी नवजागरण, शुद्ध कविता की खोज
(C)  कालिदास की निरंकुशता (1911), रस मीमांसा (1949), शुद्ध कविता की खोज (1966), महावीर प्रसाद द्विवेदी और हिन्दी नवजागरण (1977)

55.  निम्नलिखित में से महावीर प्रसाद द्विवेदी का कथन कौन-सा है
(1) भाषा संसार का नादमय चित्र है, ध्वनिमय स्वरूप है। 
(2) मनुष्यों की मुक्ति की तरह कविता की भी मुक्ति होती है।
(3) कवित्व को आत्मा की अनुभूति कहते हैं।
(4) अर्थ सौरस्य ही कविता का प्राण है।
(1) भाषा संसार का नादमय चित्र है, ध्वनिमय स्वरूप है।पन्त  
(2) मनुष्यों की मुक्ति की तरह कविता की भी मुक्ति होती है।निराला
(3) कवित्व को आत्मा की अनुभूति कहते हैं।शुक्ल
(4) अर्थ सौरस्य ही कविता का प्राण है। महावीर प्रसाद द्विवेदी

56. काव्यानुभूति की जटिलता चित्तवृत्तियों की संख्या पर निर्भर नहीं, बल्कि संवादी-विसंवादी वृत्तियों के द्वन्द्व पर आधारित है। यह कथन किसका है ?
(A) रामचन्द्र शुक्ल (B) नामवर सिंह (C) नन्ददुलारे वाजपेयी (D) हज़ारी प्रसाद द्विवेदी     

57. ‘‘कालदर्शी भक्त कवि जनता के हृदय को सम्भालने और लीन रखने के लिए दबी हुई भक्ति को जगाने लगे। क्रमशः भक्ति का प्रवाह ऐसा विकसित और प्रबल होता गया कि उसकी लपेट में केवल हिन्दू जनता ही नहीं आई, देश में बसने वाले सहृदय मुसलमानों में से भी न जाने कितने आ गए।’’ यह कथन किस आलोचक का है ?
(1) रामविलास शर्मा       (2) रामचन्द्र शुक्ल
(3) हजारी प्रसाद द्विवेदी   (4) नगेन्द्र

58. ‘‘रीतिकाल में लला के ललाट पर महावर दिखाई पड़ने लगी। बीर सखी हो गया। रणात्मक ध्वनियों की बहार आ गई। नाद योजना से मादकता को बढ़ावा मिला।’’ यह कथन किसका है?
(1) रामचन्द्र शुक्ल   (2) हज़ारीप्रसाद द्विवेदी
(3)  जगदीश गुप्त   (4) बच्चन सिंह

59.   निम्नलिखित ग्रंथों का कालक्रमानुसार सही अनुक्रम है :
 (1) आलोचना के मान, रस मीमांसा, नयी कविता, नयी कविता और अस्तित्ववाद
(2) रस मीमांसा, आलोचना के मान, नयी कविता, नयी कविता और अस्तित्ववाद
(3) रस मीमांसा, नयी कविता, आलोचना के मान, नयी कविता और अस्तित्ववाद
(4) नयी कविता और अस्तित्ववाद, नयी कविता, आलोचना के मान, रस मीमांसा

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