रविवार, 15 दिसंबर 2019

NTA/UGC NET/JRF DEC 2019 HINDI-2 QUESTION & ANSWER (01-13)

NTA/UGC NET/JRF DEC 2019 HINDI-2 QUESTION & ANSWER (01-13) # NTA/UGC NET/JRF DEC 2019 HINDI-2 QUESTION & ANSWER (01-13) 

1. 'अंधेर नगरी' नाटक का अंतिम दृश्य है :
(1) आरण्य (2) जंगल (3) बाजार (4) श्मशान
उत्तर : (4) श्मशान
69    Hindi 61547512357      61547548176 (4)
2. ''तात्विक दृष्टि से न तो हम इन्हें (कबीर को पूरे) अद्वैतवादी कह सकते हैं और न एकेश्वरवादी।'' — कबीर से संबंधित यह विचार किसका है ?
(1) हज़ारीप्रसाद द्विवेदी (2) रामचंद्र शुक्ल (3) राहुल सांकृत्यायन (4) माताप्रसाद गुप्त
उत्तर : (2) रामचंद्र शुक्ल (पूर्व मध्य काल : भक्ति काल  संवत् 1375-1700), प्रकरण 1, सामान्य परिचय, 58      Hindi 61547512346      61547548130—2)
3.  दिवस का अवसान समीप था।
गगन था कुछ लोहित हो चला।
तरुशिखा पर थी अब राजती
कमलिनी-कुल वल्लभ की प्रभा।।
इन पंक्तियों का आशय है :
(1)  सूर्यास्त हो गया था।
(2)  आसमान में लालिमा फैलने लगी थी।
(3)  चिड़िया अपने नीड़ों में विश्राम कर रही थी।
(4)  पेड़ों की फुंगियों पर सूरज की आखिरी किरणें विराजमान थीं।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनिए :
(1)  a और b
(2)  b और d
(3)  b और c
(4)  a और c
उत्तर : (2)   b और d (94 Hindi 61547512382      61547548274—2)
4. 'उर्वशी' के तृतीय अंक के आधार पर कौन-से कथन सही हैं ?
(1) शक्तिशाली और दुर्द्धर्प पुरुष भी सुंदरियों के कटाक्ष से आहत हो जाते हैं।
(2) उर्वशी मानवी है।
(3) उर्वशी कहती है — यह देह-भाव भ्रांति है।
(4) पुरुरवा के अनुसार मर्त्य मानव को देवता कहा जा सकता है।
(1)   a और b
(2)   a और d
(3)   b और c
(4)   a और c
उत्तर : (4)   a और c (95 Hindi 61547512383      61547548280—4)
5. ''पीछे लागा जाइ था, लोक बद के साथि।
आगे सतगुरु मिल्या दीपक दीया हाथि।।''
उक्त पंक्तियों में कबीर कहना चाहते हैं :
(1) लोक और वेद का अनुसरण करने के कारण मैं परमतत्व से दूर था।
(2) लोक और वेद की रूढ़िवादिता ने परमतत्व के अभिज्ञान का मार्ग प्रशस्त किया।
(3) सद्गुरु के ज्ञान रूपी प्रकाश से मैंने परमतत्व का साक्षात्कार किया।
(4) सद्गुरु ने दीपक थमा कर संसार में भटकने के लिए छोड़ दिया।
निम्नलिखित में से सही विकल्प चुनिए :
(1)   a और b
(2)   a और c
(3)   b और c
(4)   b और d
उत्तर : (2)   a और c (71 Hindi 61547512359      61547548182—2)
6. 'उत्तरकांड' के कलयुग प्रसंग में तुलसीदास ने लिखा है :
(1) आचारहीन और वेद विरोधी लोग ज्ञानी और संन्यासी कहलाएंगे।
(2) माता-पिता अपने बच्चों को मानव धर्म की शिक्षा देंगे।
(3) पत्नी के मर जाने और घर-गृहस्थी और संपत्ति के नष्ट हो जाने के बाद लुटे-पिटे लोग संन्यास ग्रहण करेंगे।
(4) कलयुग में अच्छा समय होगा और लोग सुखी होंगे।
निम्नलिखित में से तुलसीदास द्वारा कहे गए सही विकल्प चुनिए :
(1)   a और c
(2)   b और c
(3)   a और cd
(4)   b और d
उत्तर : (1)   a और c (92 Hindi 61547512380      61547548265—1)
7. शक्ति की जिस शक्ति से उसके संकेतित का अर्थ का बोध हो, वहां कौन-सी शब्द शक्ति होती है?
(1) अमिधा (2) लक्षणा (3) व्यंजना (4) शुद्धा लक्षणा
उत्तर : (1) अमिधा (81     Hindi 61547512369      61547548221—1)
साक्षात सांकेतित अर्थ (मुख्यार्थ अथवा वाच्यार्थ) को प्रकट करने वाली शब्दशक्ति अमिधा कहलाती है।
8. प्रकाशन वर्ष की दृष्टि से निम्नलिखित काव्य-कृतियों का सही अनुक्रम है :
(1) विष्णुप्रिया, कुकुरमुत्ता, चांद का मुंह टेढ़ा है, आंगन के पार द्वार
(2) कुकुरमुत्ता, विष्णुप्रिया, आंगन के पार द्वार, चांद का मुंह टेढ़ा है
(3) आंगन के पार द्वार, चांद का मुंह टेढ़ा है, विष्णुप्रिया, कुकुरमुत्ता
(4) चांद का मुंह टेढ़ा है, विष्णुप्रिया, कुकुरमुत्ता, आंगन के पार द्वार
उत्तर : (2) कुकुरमुत्ता (1942 ई.), विष्णुप्रिया (1957 ई.), आंगन के पार द्वार (1961 ई.), चांद का मुंह टेढ़ा है (1964 ई.) (129 Hindi 61547512417 61547548414—2)
9. निर्देश : इस प्रश्न में दो कथन दिए गए हैं। इनमें से एक स्थापना (Assertation) (A) है और दूसरा तर्क (Reason) (R)
स्थापना (Assertation) (A) : भारतेंदु युग में मध्यकालीन का और आधुनिकता का द्वंद्व है।
(Reason) (R) : क्योंकि उस समय का भारतीय समाज संक्रमण से गुज़र रहा था।
दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प का चयन कीजिए :  
विकल्प :
(1)   (A) सही (R) गलत
(2)   (A) सही (R) सही
(3)   (A) गलत (R) गलत
(4)   (A) गलत (R) सही
उत्तर : (A) सही (R) सही (139    Hindi 61547512427      61547548454—2)  

10. साधारणीकरण की निम्नलिखित स्थापनाओं को उनके प्रतिपादकों से सुमेलित कीजिए :
(1) रसास्वाद में वासनात्मक तथा स्थिर मनोवृतिय़ाँ जिनके द्वारा चरित्र की सृष्टि होती है, साधारणीकरण के द्वारा आनंदमय बना दी जाती हैं, इसलिए यह वासना का संशोधन करके उनका साधारणीकरण करता है। (i) रामचंद्र शुक्ल
(2) काव्य-प्रसंग या रस के समस्त अवयवों का साधारणीकरण मानने की अपेक्षा कवि भावना का साधारणीकरण मानना मनोविज्ञान के अधिक अनुकूल है। (ii) अज्ञेय
(3) लोक-हृदय की यह सामान्य अंतर्भूमि परख कर हमारे यहां साधारणीकरण सिद्धांत की प्रतिष्ठा की गई है। यह सामान्य अंतर्भूमि कल्पित या कृत्रिम नहीं है। (iii) जयशंकर प्रसाद
(4) चमत्कारी का अर्थ मर जाता है तब उस शब्द की राग उत्तेजक रागोत्तेजक शक्ति भी क्षीण हो जाती है। उस अर्थ की प्रतिपत्ति करता है, जिससे पुनः रागात्मक संबंध स्थापित हो साधारणीकरण का यही अर्थ है। (iv) नगेंद्र (v) गुलाबराय
निम्नलिखित में से सही विकल्प चुनिए :
1.    (a)-(iii); (b)-(iv); (c)-(i); (d)-(ii)
2.    (a)-(ii); (b)-(i); (c)-(iv); (d)-(iii)
3.    (a)-(i); (b)-(ii); (c)-(iv); (d)-(iii)
4.    (a)-(iv); (b)-(iii); (c)-(ii); (d)-(i)
उत्तर : 1.    (a)-(iii); (b)-(iv); (c)-(i); (d)-(ii)
 (124 Hindi 61547512412      61547548393—1)
11. निम्नलिखित में से व्यंग रचनाएं कौन-सी हैं?
(1) भूलने के विरुद्ध             (2) जीप पर सवार इल्लियां
(3) अपनी-अपनी बीमारी    (4) निषाद बांसुरी
निम्नलिखित में से सही विकल्प चुनिए :
(1)   a और b
(2)   b और d
(3)   a और c
(4)   b और c
उत्तर : (4)   b और c (108      Hindi 61547512396      61547548332—4)
12. निम्नलिखित में से हिंदी के यात्रा-वृतांत हैं :
(1) याद हो कि न याद हो   (2) अरे यायावर रहेगा याद
(3) आखिरी चट्टान तक    (4) जिनकी याद हमेशा रहेगी
निम्नलिखित में से सही विकल्प चुनिए :
(1)   b और d
(2)   a और b
(3)   a और d
(4)   b और c
उत्तर : (4)   b और c (106      Hindi 61547512394      61547548324—4)
13. प्रकाशन काल की दृष्टि से भीष्म साहनी के नाटकों का सही अनुक्रम है :
(1) हानूश, माधवी, रंग दे बसंती चोला, आलमगीर
(2) माधवी, हानूश, रंग दे बसंती चोला, आलमगीर
(3) रंग दे बसंती चोला, आलमगीर, हानूश, माधवी
उत्तर : (1) हानूश (1971 ई., चेकोस्लोवाकिया की लोककथा, जिसमें एक ताला बनानेवाले की आँख बादशाह द्वारा निकाल ली जाती है), माधवी (1985 ई., माधवी और विश्वामित्र के शिष्य गालव ऋषि की पौराणिक कथा के आधुनिक नारी की पीड़ा का चित्रांकन), रंग दे बसंती चोला (1998 ई., जालियावाला बाग़ की क्रूर कहानी के माध्यम से कर्नल डायर और शहीद ऊधवसिंह का चरित्रांकन, सामाज्यवाद और राष्ट्रवाद की टकराहट), आलमगीर (1999 पात्र : औरंगज़ेब, दारा)। 
130 HINDI 61547512418  61547548417-1

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