शनिवार, 24 मई 2014

सुमित्रानंदन पंत (1900-1977) की रचनाएँ/Sumitranandan Pant ki Rachnayen


सुमित्रानंदन पंत (1900-1977)   की रचनाएँ/Sumitranandan Pant ki Rachnayen

(20 मई 1900—28 दिसम्बर 1977)

पहली कविता : गिरजे का घंटा (1916)

कविता संग्रह / खंडकाव्य


चुनी हुई रचनाओं के संग्रह


काव्य-नाटक/काव्य-रूपक

  • ज्योत्ना (1934)
  • रजत-शिखर (1951)
  • शिल्पी (1952)

आत्मकथात्मक संस्मरण

  • साठ वर्ष : एक रेखांकन (1963)

आलोचना

  • गद्यपथ (1953)
  • शिल्प और दर्शन (1961)
  • छायावाद : एक पुनर्मूल्यांकन (1965)

कहानियाँ

  • पाँच कहानिय़ाँ (1938)

उपन्यास

  • हार  (1960)

अनूदित रचनाओं के संग्रह


संयुक्त संग्रह


पत्र-संग्रह

  • पंत के सौ पत्र (1970, सं. बच्चन)

पत्रकारिता

  • 1938 में उन्होंने ‘रूपाभ’ नामक प्रगतिशील मासिक पत्र निकाला।

कुछ प्रतिनिधि रचनाएँ 

उच्छ्वास, आँसी की बालिका, पर्वत प्रदेश में पावस, काले बादल, छाया, नौका-विहार, परिवर्तन, भावी पत्नी के प्रति, अनंग, चाँदनी, अप्सरा, द्रुत झरो, धेनुएँ.


पुरस्कार व सम्मान


1960 ‘कला और बूढ़ा चांद’ पर ‘साहित्य अकादमी पुरस्कार’

1961 ‘पद्मभूषण’ हिंदी साहित्य की इस अनवरत सेवा के लिए

 1968 ‘चिदम्बरा’ नामक रचना पर ‘भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार’

‘लोकायतन’ पर 'सोवियत लैंड नेहरु पुरस्कार'
https://www.google.co.in/

4 टिप्‍पणियां:

  1. आँसू
    पपीहों की वह पीन पुकार,
    निर्झरों की भारी झर झर;
    झींगुरों की भीनी झनकार
    घनों की गुरु गंभीर गहर;
    बिन्दुओं की छनती छनकार,
    दादुरों के वे दुहरे स्वर||
    आँसू (पल्लव काव्य-संग्रह, सुमित्रानन्दनकृत)

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  2. आँसू
    पपीहों की वह पीन पुकार,
    निर्झरों की भारी झर झर;
    झींगुरों की भीनी झनकार
    घनों की गुरु गंभीर गहर;
    बिन्दुओं की छनती छनकार,
    दादुरों के वे दुहरे स्वर||
    (सुमित्रानन्दन के काव्य-संग्रह पल्लव से)

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